जी-9 नशा मुक्ति एवं पुनर्वास केन्द्र

जी-9 नशा मुक्ति एवं पुनर्वास केन्द्र को (खालसा जी जनकल्याण समिति) द्वारा संचालित किया जा रहा है जो कि से समाज में नशे के विरुद्ध लोगों को जागरूक करने और लोगों को नशे से मुक्त करने हेतु कार्य कर रही है, आज यह नशा मुक्ति केंद्र के संचालन के साथ मध्य प्रदेश शासन और यूनाइटेड नेशन डेवलपमेंट प्रोग्राम के साथ मिलकर और कॉलेजों में नशे के प्रति विद्यार्थियों को जागरूक करने का कार्य कर रही है ।.

भारत में लगभग हर वर्ष लगभग 5 लाख लोग शराब के कारण मर जाते है, जबकि उनमें से अधिकतर को डॉक्टरों द्वारा पहले ही बताया चुका होता है कि और पियोगे तो मर जाओगे, ऐसा क्यों है ? इसका जवाब हम लोगों के पास नहीं है क्योंकि अधिकतर लोगों की सोच होती है कि एक शराबी या एडिक्ट(addict) नशामुक्ति चाहता ही नहीं है और दूसरों को परेशान करने के लिए जानबूझकर पीता है या वो मरने के लिए उतावला है, लेकिन ऐसा नहीं है।

यह कार्य स्कूल और कॉलेज मे नशा मुक्ति वर्कशॉप करके सोशल मीडिया और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के माध्यम से, रैलियों के माध्यम से, बस्तियों में जागरूकता अभियान, हस्ताक्षर अभियान और संकल्प पत्र के माध्यम से किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त शुद्धि नशा मुक्ति केंद्र महिला एवं बाल विकास विभाग के साथ मिलकर नशा पीड़ित स्ट्रीट चाइल्ड को नशा मुक्त तथा उनका पुनर्वास करने का कार्य कर रहा है। नशा मुक्ति के कार्य के अलावा समाज में फैली अन्य कुरीतियों के खिलाफ दी शुद्धि नशा मुक्ति केंद्र जागरूकता अभियान चलाता है।

व्यसनी की समस्या

एक व्यसनी व्यक्ति जो होता है वह सामान्य व्यक्ति की तुलना में अधिक संवेदी होता है अर्थात उस व्यक्ति में आम व्यक्ति की तुलना में जो संवेदनाय होती है वह अधिक अस्त व्यस्त होती है वह अपने व्याहारो पर नियंत्रण करना चाहता है परन्तु कर नहीं पाता , कारण यह है की वह अपनी छमताओ व भावनाओ को सही तरीके से व्यक्त नहीं कर पाता व जहां जो व्यहार प्रदर्शित करना होता है वैसा न कर खाली चुप रह जाता है या अत्यधिक बोल जाता है| बहुत बार यह भी देखा गया है की व्यसनी व्यक्ति अपनी बातोँ को कहने या सुनाने के लिए नशे का सहारा लेता है | अर्थात वो बिना नशे के अपनी भावनाओ व बातों को व्यक्त नहीं कर पाते | और लोगो को लगता है की नशे में बकवास कर रहा है | परन्तु हर बार यह नहीं होता , कोई व्यक्ति यह नहीं चाहता की लोग उसे नशेडी बेवड़ा या शराबी कहे | परिवार में उसकी इज्जत ना करे ये व्यक्ति स्वयं से प्रताड़ित होते है ये व्यक्ति मानसिक रुप से बीमार होते है ||

ड्रग्स का नशा

सभी नाशो में यह सबसे गन्दा व घातक नशा है ये दवाएं शारीर पर और मस्तिस्क पर प्रतिकूल प्रभाव डालती है विभिन्न प्रकार की दवाओ का निर्माण किया गया है ये सभी नशे की लत को छोड़ना कठिन होता है ,नशा एक गंभीर समस्या है नशे के आदि होना आसान है लिकिन इस लत से छुटकारा पाना बेहद मुश्किल है | नशीली दवाओ की लत के कारण होने वाले स्वास्थ के मुद्दे एक व्यक्ति द्वारा ड्रग्स लेने के बाद भी जारी रह सकते है | इसे छोड़ने हेतु विशेष प्रयास की व दवाओं के साथ एक नियमित दिनचर्या योग अभ्यास की अवश्याकता होती है ||